ज़िन्दगी में पीड़ा अपरिहार्य है, और इसे ग्रहण करना जरूरी है। अनगिनत उद्धरण हैं जो हमारे दिमाग को छू जाते हैं, दर्द की गहराई को अभिव्यक्�
ज़िन्दगी में पीड़ा अपरिहार्य है, और इसे ग्रहण करना जरूरी है। अनगिनत उद्धरण हैं जो हमारे दिमाग को छू जाते हैं, दर्द की गहराई को अभिव्यक्�